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नागालैंड में शहीद हुए गोपाल सिंह का पार्थिव शरीर पहुंचा उनके पैतृक गांव, शोक में डूबा गांव

नागालैंड में शहीद हुए गोपाल सिंह का पार्थिव शरीर पहुंचा उनके पैतृक गांव, शोक में डूबा गांव

पिथौरागढ़। नागालैंड में शहीद हुए गंगोलीहाट के जजोली गांव निवासी असम राइफल के शहीद गोपाल सिंह का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लाया गया। पार्थिव शरीर के घर पहुंचते ही मातम छा गया। गांव से 50 किमी दूर रामेश्वर घाट पर सरयू और रामगंगा के संगम पर अंत्येष्टि की जाएगी।

बता दें कि पिथौरागढ़ तहसील के जजोली गांव निवासी असम राइफल्स में तैनात जवान गोपाल सिंह मेहरा नागालैंड में आतंकी हमले में शहीद हो गए हैं। शहादत की खबर मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। परिवार को दी गई सरकारी सूचना के अनुसार पिथौरागढ़ के दसाईथल कस्बे से सटे जजोली गांव निवासी असम राइफल्स में तैनात जवान गोपाल सिंह (47 वर्ष) पुत्र स्व. त्रिलोक सिंह पूर्वोत्तर में नागालैंड से सटे एक गांव में तैनात थे।

बुधवार सुबह चार बजे आतंकियों ने एकाएक हमला बोल दिया, जिसमें मुठभेड़ के दौरान वह शहीद हो गए। इसकी सूचना असम राइफल्स की ओर से जवान के परिजनों को दी गई। सूचना में पूरे घटनाक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है। परिजनों को यह सूचना मिलते ही गांव सहित तहसील मुख्यालय में शोक में डूब गया।

बड़ा भाई असम राइफल्स में सूबेदार, छोटा जम्मू में तैनात 

शहीद जवान गोपाल अपने चार भाइयों में दूसरे नंबर के थे। उनके बड़े भाई निर्मल सिंह मेहरा भी असम राइफल्स में सूबेदार पद पर मणिपुर में तैनात हैं। शहीद का छोटा भाई ठाकुर सिंह सेना में हैं जो जम्मू कश्मीर के पुंछ में तैनात हैं। सबसे छोटा भाई रिपुदमन सिंह गांव में ही दुकान चलाता है। शहीद का परिवार ऊधमसिंह नगर के दिनेशपुर में रहता है। शहीद के तीन बच्चे हैं। जिसमें सबसे बड़ी पुत्री का विवाह हो चुका है। दूसरी पुत्री हाईस्कूल में और पुत्र पॉलिटेक्निक कर रहा है। शहीद को छोड़ कर अन्य तीनों भाइयों का परिवार गांव में ही रहता है। घर पर वृद्ध माता कौशल्या देवी हैं जो बीमार रहती हैं।

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