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नोकझोंक होने पर कंडक्टर ने युवक को बस से फेंका नीचे

नोकझोंक होने पर कंडक्टर ने युवक को बस से फेंका नीचे

देहरादून। सिटी बस के चालक-परिचालकों का दुस्साहस कितना बढ़ गया है, इसकी बानगी शुक्रवार को एक बार फिर देखने को मिली। सहारनपुर चौक तक जाने के लिए बल्लीवाला से सिटी बस में सवार हुए युवक से कंडक्टर से किसी बात को लेकर नोकझोंक हो गई, जिससे बौखलाए कंडक्टर ने युवक को बस से नीचे फेंक दिया। गंभीर रूप से घायल युवक को दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

शहर कोतवाली के लक्ष्मण चौक चौकी इंचार्ज बृजपाल सिंह ने बताया कि शुक्रवार दोपहर में कुछ लोगों ने बताया कि एक युवक सिटी बस से गिर गया है। उसे काफी चोट आई है। कांस्टेबिल मनोज कुमार व तेज सिंह को मौके पर भेजा गया, जहां से उसे दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया। युवक की पहचान विक्की पुत्र प्रकाश निवासी खुड़बुड़ा के रूप में हुई। उसने बताया कि वह फेरी लगाने का काम करता है। शुक्रवार को वह बल्लीवाला से सिटी बस पकड़कर कांवली रोड होते हुए सहारनपुर चौक तक आने के लिए सवार हुआ। वह बस के पिछले दरवाजे से बैठने के बजाय कंडक्टर के पास वाले दरवाजे से घुस गया। इसके बाद चालक बिफर पड़ा, वह बार-बार उसे बस से उतरने को कहने लगा। उसने मना किया तो कंडक्टर आगबबूला हो गया और उससे मारपीट करते हुए बस से नीचे धकेल दिया। पुलिस ने बताया कि युवक के सिर और कान में चोट आई हैं। विक्की के परिवार वालों को सूचना दे दी गई है। मामले में अभी तहरीर नहीं मिली है। सिटी बस के मालिक को भी सूचना दे दी गई। चालक और परिचालक की पहचान कर ली गई।

अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग शूटर से भी हो चुकी है बदसलूकी 

सिटी बसों में चालक-परिचालकों की धींगामुश्ती के मामले रोजाना सामने आते रहते हैं। पांच फरवरी 2018 को भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था, जब राजपुर रोड पर ग्रेट वैल्यू होटल के समीप सिटी बस का इंतजार कर रही अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग शूटर दिलराज कौर को बस में चढ़ते हुए रोकते हुए चालक ने बस चला दी। दिलराज का एक पांव बस की सीढ़ी पर था और दूसरा सड़क पर। वह किसी तरह संभलीं, वरना कोई भी बड़ा हादसा हो सकता था। शूटर की ओर से पुलिस व प्रशासन समेत परिवहन विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई थी, जिसके बाद बस का परमिट तक निरस्त कर दिया गया था।

पहले भी जान जोखिम डालती रही हैं सिटी बसें 

  • 13 अगस्त 2018 : शिमला बाईपास पर तेज रफ्तार सिटी बस ने स्कूटी सवार मां-बेटी को कुचल दिया। दोनों की मौत हो गई।
  • 21 अगस्त 2018 : सहारनपुर चौक की ओर जा रही महिला सवारी से विक्रम में सवार लोग छेड़खानी करने लगे। महिला खुद को बचाने के लिए विक्रम से कूद गई और घायल हो गई।
  • 16 सितंबर 2018 : डोईवाला में तेज रफ्तार सिटी बस के पलटने से डेढ़ दर्जन से अधिक यात्री घायल हुए।
  • 27 सितंबर 2017 : राजपुर रोड पर तेज रफ्तार सिटी बस पलट गई। गनीमत थी कि बस में कोई यात्री सवार नहीं था।

पुलिस भी नहीं छेड़ती इन्हें 

सिटी और विक्रम की मनमानी जगजाहिर है। शहर की सड़को पर कभी भी इन्हें कतारबद्ध होकर तेज रफ्तार से आड़ा-तिरछा चलते देखा जा सकता है। पुलिस और सीपीयू दोनों की नजरें इन पर पड़ती हैं, लेकिन क्या मजाल है कि कोई इन्हें टोक दे। पुलिस की इसी लापरवाही के चलते दून शहर में हर वक्त सिटी बस और विक्रम से हादसों का डर बना रहता है। सवारी देखी नहीं कि लगा दिया ब्रेक सिटी बस और विक्रम चालकों की मनमानी एक-दो नहीं है। यातायात पुलिस ने सड़क पर चलने के जितने नियम बनाए हैं, उन सभी का पालन न करना इनके चालकों का शौक है। सबसे ज्यादा समस्या तब होती है, जब सिटी बस और विक्रम के चालक सवारी देखते ही ब्रेक लगा देते हैं। हर रोज इसकी वजह से लोग दुर्घटनाग्रस्त होते रहते हैं। यह सब आम लोगों को दिखता है, लेकिन पुलिस को नहीं।

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