कांग्रेस नेता विकास चौधरी के मर्डर का खुलासा,

कांग्रेस नेता विकास चौधरी के मर्डर का खुलासा, नामी गैंगस्टर की बीवी समेत 2 गिरफ्तार

रुग्राम क्राइम ब्रांच में तैनात एक इंस्पेक्टर की तरफ से कौशल गैंग का नाम लीक हुआ है। यह इंस्पेक्टर फरीदाबाद क्राइम ब्रांच में रह चुका है। फरीदाबाद में इंस्पेक्टर के कई मुखबिर हैं।

फरीदाबाद  हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विकास चौधरी की हत्या में फरीदाबाद पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। फरीदाबाद पुलिस ने इस हत्याकांड में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, इनमें एक गैंगस्टर कौशल की बीवी तो दूसरा उसका घरेलू सहायक है। बताया जा रहा है कि अगले कुछ घंटों में पत्रकार वार्ता कर हरियाणा पुलिस इस हत्याकांड को लेकर कुछ और अहम खुलासे कर सकती है।

मिली जानकारी के मुताबिक, विकास चौधरी की हत्या के मामले में पुलिस ने एक महिला सहित दो लोगों को  गिरफ्तार किया है।  कुछ देर पहले ही विकास चौधरी हत्याकांड में पुलिस ने गैंगस्टर कौशल की पत्नी और घरेलू सहायक की गिरफ़्तारी की  पुष्टि की है। ADGP नवदीप विर्क की तरफ़ से ट्वीट कर प्रेस नोट भी जारी किया गया है। इसमें बताया गया है कि हत्याकांड में गैंगस्टर कौशल की पत्नी रोशनी और घरेलू सहायक नरेश को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गैंगस्टर कौशल,उसकी पत्नी और नौकर ने विकास की हत्या की साजिश रची थी। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, हत्या लेन-लेन को लेकर हुई थी।

बता दें कि इससे पहले बृहस्पतिवार को कौशल गैंग की संलिप्तता से संबंधित कुछ इनपुट मिले थे। सूत्रों की मानें तो क्रिकेट मैच में सट्टा लगाने के लिए एक करोड़ की रंगदारी नहीं देने के कारण हत्या की गई है। शुक्रवार को पुलिस ने जैसे ही जांच शुरू की, सोशल मीडिया पर कौशल गैंग का नाम तेजी से वायरल हो गया।

असल में गैंगस्टर संदीप गाडौली की फरवरी 2016 में मुंबई में गुरुग्राम पुलिस से हुई मुठभेड़ में मौत हो गई थी। तब से उसके गैंग को बदमाश कौशल विदेश से संचालित कर रहा है। सूत्रों के अनुसार, आइपीएल और क्रिकेट वर्ल्ड कप में सट्टा लगाने के लिए कौशल गैंग ने विकास से एक करोड़ की रंगदारी मांगी थी। शहर में दो अन्य लोगों से भी रंगदारी मांगी गई थी। उन्होंने रुपये दे दिए, लेकिन विकास ने मना कर दिया। भोंडसी जेल से फरीदाबाद के एक बदमाश के इशारे पर फरीदाबाद का 50 हजार का इनामी बदमाश भी विकास की हत्या में शामिल था।

गुरुग्राम के इंस्पेक्टर ने लीक किया कौशल गैंग का नाम

गुरुग्राम क्राइम ब्रांच में तैनात एक इंस्पेक्टर की तरफ से कौशल गैंग का नाम लीक हुआ है। यह इंस्पेक्टर फरीदाबाद क्राइम ब्रांच में रह चुका है। फरीदाबाद में इंस्पेक्टर के कई मुखबिर हैं। फरीदाबाद के जिस बदमाश का नाम सामने आया है, वह भी इंस्पेक्टर के मुखबिर का नजदीकी है। इंस्पेक्टर ने मुखबिर से बदमाश को सरेंडर कराने के लिए कहा। मुखबिर ने प्रयास शुरू किए, इस बीच यह बात सोशल मीडिया में लीक हो गई।

गम व गुस्से के बीच अंतिम संस्कार
वहीं, शुक्रवार को दोपहर तक चली जबरदस्त गहमागहमी व तनाव की स्थिति के बाद प्रशासन ने दोपहर बाद तीन बजे हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विकास चौधरी का शव परिजनों को सौंप दिया। सेक्टर-9 में घर पर अंतिम संस्कार से पूर्व की प्रक्रियाएं करने के बाद सेक्टर-8 स्थित स्वर्गाश्रम में अंतिम संस्कार कर दिया गया। विकास चौधरी की बृहस्पतिवार सुबह 9 बजे सेक्टर-9 में जिम के बाहर हमलावरों ने गोलियों से छलनी कर हत्या कर दी थी। प्रशासन बृहस्पतिवार को ही शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंपना चाहता था, पर तब परिजनों ने जब तक हमलावर गिरफ्तार नहीं हो जाते, तब तक पोस्टमार्टम कराने व शव लेने से इंकार कर दिया था। रात में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अशोक तंवर, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ.राधा नरूला, प्रदेश सचिव बलजीत कौशिक सहित अन्य कांग्रेसियों ने बीके अस्पताल में शवगृह के बाहर ही डेरा डाल रात बिताई।

मुख्यमंत्री शहर में होने के कारण नहीं सौंपा शव
शनिवार सुबह 9 बजे कांग्रेसी नेताओं और परिजनों ने प्रशासन से शव सौंपने का आग्रह किया, मगर प्रशासन ने शव देने से इंकार कर दिया। दरअसल शनिवार को दो कार्यक्रमों में शिरकत करने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल फरीदाबाद में थे। प्रशासन को अंदेशा था कि शव मिलने पर गुस्से में कांग्रेस कार्यकर्ता जाम लगाएंगे, जिससे शहर में अव्यवस्था हो जाएगी। प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता था।

जब मिलने में देरी हुई, तो प्रदेशाध्यक्ष डॉ.अशोक तंवर के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलने के लिए रवाना होने लगे। कांग्रेस कार्यकर्ता सिर पर काली पट्टी व हाथों में काले झंडे लिए हुए थे। इस तरह का माहौल देख पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को बादशाह खान अस्पताल के मुख्य द्वार पर ही रोक दिया। करीब एक घंटे तक दोनों ओर से खूब गहमागहमी व धक्का मुक्की हुई। कार्यकर्ता गेट से बाहर निकलना चाहते थे, वहीं पुलिसकर्मी उन्हें वापस धकेल रहे थे। खैर भारी पुलिस बल के आगे प्रदर्शनकारी सफल नहीं हुए, तो फिर शांत होकर वहीं गेट पर ही बैठ गए।

शाम पांच बजे के बाद हुआ अंतिम संस्कार
दोपहर तीन बजे के बाद शव मिलने पर पहले सेक्टर-9 स्थित निवास पर लाया गया। इसके बाद सेक्टर-8 सीही स्थित स्वर्गाश्रम पर अंतिम संस्कार किया गया, मुखाग्नि छोटे भाई गौरव चौधरी ने दी।

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