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सहकारिता को गति देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा मंजूर की गई 3600 करोड़ की योजना में अनुदान राशि बढ़ाने की मांग

सहकारिता को गति देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा मंजूर की गई 3600 करोड़ की योजना में अनुदान राशि बढ़ाने की मांग

देहरादून। उत्तराखंड में सहकारिता को गति देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा मंजूर की गई 3600 करोड़ की योजना में अनुदान राशि बढ़ाने की राज्य सरकार की मांग को केंद्र ने स्वीकार कर लिया है। सहकारिता राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत के अनुसार इस योजना में अनुदान राशि को उत्तराखंड के लिए अब 20 से बढ़ाकर 40 फीसद कर दिया गया है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि योजना की लॉन्चिंग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से समय मांगा गया है। उम्मीद है कि नए वर्ष की शुरुआत में यह महत्वाकांक्षी योजना प्रारंभ हो जाएगी।

 

केंद्र सरकार ने राज्य में सहकारिता को मजबूती देने के साथ ही इसके अंतर्गत कृषि, बागवानी, पशुपालन समेत अन्य क्षेत्रों के लिए सहकारिता में 3600 करोड़ की योजना मंजूर की थी। इसके तहत राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम की ओर से यह राशि बतौर ऋण मुहैया कराई जानी है, जिसमें 20 फीसद अनुदान का प्रावधान है। राज्य की विषम परिस्थिति के मद्देनजर राज्य सरकार की ओर से इस योजना में अनुदान बढ़ाने का आग्रह केंद्र सरकार से किया जा रहा था।
इस सिलसिले में सहकारिता राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत की केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह से कई दौर की बात हुई। डॉ. रावत के अनुसार उन्होंने सरकार की ओर से मांग की कि जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर हिमालयी राज्य उत्तराखंड को अनुदान में छूट मिलनी चाहिए। उन्होंने बताया कि अब केंद्र सरकार ने राज्य की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए अनुदान राशि 20 से बढ़ाकर 40 फीसद कर दी है। डॉ. रावत ने बताया कि योजना के परवान चढ़ने से सहकारिता को पंख लंगेंगे।
यह भी बताया कि योजना की लॉन्चिंग के लिए प्रधानमंत्री से समय मांगा गया है। उम्मीद है कि नए साल की शुरुआत में योजना की लॉन्चिंग कर दी जाए। तीन बार ही विदेश यात्राएं सहकारिता राज्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि सहकारिता में मितव्ययता पर भी जोर दिया जा रहा है। इस कड़ी में सहकारी बैंक समेत अन्य शीर्ष संस्थाओं के बोर्ड के विदेश दौरे सीमित किए गए हैं। अब एक बोर्ड के सदस्य अपने कार्यकाल में तीन बार ही विदेश दौरे पर जा सकेंगे।

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