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अटल आयुष्मान योजना के तहत पांच लाख दो हजार लाभार्थियों के बने गोल्डन कार्ड, 104 हेल्पलाइन नंबर से लें योजना की जानकारी

अटल आयुष्मान योजना के तहत पांच लाख दो हजार लाभार्थियों के बने गोल्डन कार्ड, 104 हेल्पलाइन नंबर से लें योजना की जानकारी

देहरादून। अटल आयुष्मान योजना के तहत प्रदेश में अभी तक पांच लाख दो हजार लाभार्थियों के गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। जबकि सात लाख, 25 हजार लाभार्थियों का गोल्डन कार्ड बनाने के लिए पंजीकरण किया गया है। एक सप्ताह के भीतर ही सवा दो लाख पंजीकृत लाभार्थियों को भी गोल्डन कार्ड मिल जाएंगे।

राज्य में अटल आयुष्मान योजना की प्रगति की समीक्षा योजना के अध्यक्ष डीके कोटिया ने की। योजना की प्रगति पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि जनवरी के प्रथम सप्ताह में जहां मात्र दस हजार कार्ड प्रतिदिन बन रहे थे, वह अब बढ़कर 75 हजार प्रतिदिन पर आ गए हैं। कुछ समय के भीतर ही यह संख्या बढ़कर एक लाख प्रतिदिन हो जाएगी। कोटिया ने कहा कि योजना को लेकर किसी भी तरह की जानकारी के लिए 104 हेल्पलाइन पर फोन व योजना की वेबसाइट पर लॉग इन किया जा सकता है।

निजी पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी व दवा भी मुफ्त अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के तहत निजी पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी की जांचें भी कैशलेस होंगी। साथ ही सूचीबद्ध अस्पतालों में ओपीडी का भी लाभ मिलेगा। यही नहीं, मरीजों को सूचीबद्ध दुकानों से दवाएं भी कैशलेस मिलेंगी। इलाज और व्यवहार से तय होगी अस्पताल की रेटिंग अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना में शामिल अस्पताल को मरीजों को सही इलाज के साथ उनके साथ सही व्यवहार भी करना होगा।

योजना का लाभ लेने वाले मरीजों से स्वास्थ्य विभाग फीडबैक लेगा। जिसके आधार पर अस्पताल की रेटिंग भी तय होगी। अगर किसी अस्पताल ने मरीज के साथ गलत व्यवहार किया तो स्वास्थ्य विभाग अपनी गाइडलाइन के आधार पर कार्रवाई भी करेगा। भुगतान में नहीं होगी देरी कोटिया ने बताया कि योजना का लाभ मरीज को देने वाले अस्पताल को भुगतान हर हाल में 15 दिनों में कर दिया जाएगा। किसी भी सूरत में भुगतान में देरी नहीं की जाएगी।

उन्होंने साफ किया कि अगर किसी अस्पताल के भुगतान में एक दिन की भी देरी होती है तो भुगतान पर एक प्रतिशत ब्याज का प्रावधान भी किया गया है। किसी भी अस्पताल को भुगतान के लिए दफ्तरों के काटने की जरूरत नहीं होगी। सारी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी होगी। कर्मचारियों के दफ्तर, पेंशनर के ट्रेजरी में बनेंगे कार्ड 26 जनवरी को योजना का दूसरा चरण लाच किया जाएगा। इसके बाद सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को इसका लाभ मिलेगा।

प्रत्येक कार्यालय में आहरण-वितरण अधिकारी या प्रशासनिक अधिकारी को कार्ड बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उनके पास ही सॉफ्टवेयर में कार्ड तैयार करने का अधिकार होगा। अर्थ एवं साख्यिकी विभाग सभी कर्मचारियों और उनके परिवार का डाटा उपलब्ध कराएगा, जिसे विभागीय सॉफ्टवेयर में अपलोड कर लिया जाएगा। इस डाटा के आधार पर ही कर्मियों और उनके परिवार के सदस्यों के कार्ड बनेंगे। पेंशनरों के कार्ड बनाने के लिए प्रत्येक ट्रेजरी में सामान्य सेवा केंद्र खोले जाएंगे। पेंशनरों को सुविधा देने के लिए टोकन व्यवस्था लागू की जा सकती है, जिससे कि उन्हें अनावश्यक लाइन पर खड़ा न रहना पड़े।

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