राहुल गांधी के बयान पर जमकर हंगामा

संसद के शीतकालीन सत्र का आज आखिरी दिन है। लोकसभा और राज्यसभा दोनों ही सदनों में आज जमकर हंगामा हो रहा है। राहुल गांधी के बयान पर भाजपा सांसदों ने मांग की है कि वह माफी मांगे। वहीं, राहुल के इस बयान पर भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने कहा कि  यह इतिहास में पहली बार है कि कोई नेता स्पष्ट रूप से यह कह रहा है कि भारतीय महिलाओं का दुष्कर्म किया जाना चाहिए। क्या यह राहुल गांधी का देश के लोगों के लिए संदेश है? इस हंगामे के बाद 12 बजे तक दोनों सदनों को स्थगित कर दिया गया है।

राज्यसभा में लगे माफी मांगो के नारे 

राज्यसभा में कुछ सांसदों ने राहुल गांधी के पर राहुल गांधी माफी मांगो के नारे लगाए। राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने सदस्यों को शांत करवाते हुए कहा कि आप ऐसे व्यक्ति का नाम नहीं ले सकते जो इस सदन का सदस्य नहीं है। किसी भी निकाय के पास सदन को परेशान करने का व्यवसाय नहीं है।

वहीं, टीडीपी के सांसद के. रवींद्र कुमार ने राज्यसभा में निर्वाचित प्रतिनिधि से जुड़े लंबे आपराधिक मामलों’ को लेकर शून्यकाल नोटिस दिया है। वहीं, आरजेडी सांसद मनोज झा ने राज्यसभा में छोटे संसद दलों को संसद में सदनों में बहस में पर्याप्त भागीदारी प्रदान करने के लिए समय आवंटन तंत्र को फिर से लाने की मांग को लेकर शून्यकाल नोटिस दिया है।

इस बार शीतकालीन सत्र में नागरिकता संशोधन बिल को लेकर दोनों ही सदनों में काफी बहस हुई। हालांकि, बहस के बाद ये बिल पास हो गया और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के साथ ही ये कानून में तब्दील हो गया है। विदेश मंत्री (EAM) एस जयशंकर आज लोकसभा में एंटी-मैरीटाइम पाइरेसी बिल 2019 (समुद्री डकैती विधेयक) 2019 को पेश करेंगे।

संविधान संशोधन बिल को भी मिली मंजूरी

गुरुवार को संविधान संशोधन (126 वां) बिल राज्यसभा में भी पास हो गया है। काफी चर्चा के बाद इस बिल को लेकर मतदान किया गया। जानकारी के लिए बता दें कि पहले ही इस बिल को लोकसभा से मंजूरी मिल गई थी। इस विधेयक में लोकसभा और राज्य विधानसभाओ में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति समुदायों के आरक्षण को दल साल बढ़ाने का प्रावधान है।

गौरतलब है कि फिलहाल आरक्षण 25 जनवरी 2020 को समाप्त हो रहा है। इस बिल के जरिए इसे 25 जनवरी 2030 तक बढ़ाने का प्रावधान है। इतना ही नहीं इस बिल के तहत संसद में एंग्लो इंडियन कोटे के तहत 2 सीटों को खत्म करने का भी बिल में प्रावधान है।

बता दें कि इस बार का शीतकालीन सत्र 18 नवंबर से शुरु हुआ था। शीतकालीन सत्र में इस बार कई मुद्दों को लेकर बहस हुई। प्याज के दामों से लेकर आर्थिक सुस्ती तक कई  मुद्दों से इस बार संसद में गरमा गर्मी का माहौल बना रहा।

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