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अपने दो साथियों संग मुठभेड़ में मारा गया फौजी से कुख्यात आतंकी बना जहूर अहमद ठोकर, एक सैन्यकर्मी शहीद

अपने दो साथियों संग मुठभेड़ में मारा गया फौजी से कुख्यात आतंकी बना जहूर अहमद ठोकर, एक सैन्यकर्मी शहीद

श्रीनगर। फौजी से कुख्यात आतंकी बना जहूर अहमद ठोकर शनिवार को खारपोरा पुलवामा में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में अपने दो साथियों संग मारा गया। मुठभेड़ में एक सैन्यकर्मी शहीद व एक अन्य जख्मी हो गया। हालांकि अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हुर्इ है। इस बीच, आतंकियों की मौत के बाद भड़की हिंसा में सात प्रदर्शनकारियों की मौत जबकि दो दर्जन से अधिक जख्मी हो गए हैं। इनमें तीन की हालत गंभीर बतार्इ जा रही है। स्थिति पर काबू पाने के लिए प्रशासन ने दक्षिण कश्मीर के पुलवामा में मोबाईल इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगाने के साथ ही बनिहाल-श्रीनगर रेल सेवा को भी अगले आदेश तक स्थगित कर दिया है।

यहां मिली जानकारी के अनुसार, पुलवामा जिले के खारपोरा सिरनू में हिज्ब के मोस्ट वांटेड आतंकियों में शुमार जहूर ठोकर व उसके साथियों के छिपे होने की सूचना मिलते ही आज तड़के सेना, पुलिस और सीआरपीएफ के एक संयुक्त कार्यदल ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली। सुबह नमाज की पहली अजान के बाद सुरक्षाबलों ने गांव में तलाशी शुरु की और जैसे ही वह गांव के बाहरी छोर पर एक पोल्ट्री फार्म के पास पहुंचे तो वहां छिपे आतंकियों ने उन पर फायरिंग शुरु कर दी। जवानों ने भी अपनी पोजीशन ली और जवाबी फायर किया। इसके साथ हीउन्होंने आतंकियों को सरेंडर के लिए भी कहा। लेकिन आतंकियाें ने फायरिंग जारी रखी।

करीब तीन घंटे तक दोनों तरफ से गोलियां चली। इस दौरान दो सैन्यकर्मी सिपाही किशन और तौसीफ जख्मी हो गए। दोनों को उपचार के लिए श्रीनगर स्थित सेना के92 बेस अस्पताल ले जाया गया,जहां किशन ने कुछ ही देर में अपने जख्मों की ताव न सहते हुए दम तोड़ दिया। मुठभेड़ स्थल से तीन आतंकियों के शव मिले। इनमें से एक जुलाई 2017 को गंठमुला बारामुला से सरकारी राइफल संग फरार हुए 163 टीए बटालियन के भगौड़े जहूर अहमद ठोकर के रुप में हुई है। ठाेकर आतंकी बनने से पहले सेना में था। उसके अलावा मारे गए दूसरे दो अन्य आतंकी भी स्थानीय थे। उनकी पहचान अदनान उर्फ ताहिर हिज्बी निवासी करीमाबाद, बिलाल उर्फ हाशिम निवासी राजपुरा पुलवामा के रूप में हुर्इ है।

इस बीच, मुठभेड़ शुरु होने के कुछ ही देर बाद बड़ी संख्या में आतंकी समर्थक तत्व भी जिहादी नारे लगाते हुए मुठभेड़ स्थल पर जमा हो गए। उन्होंने सुरक्षाबलों पर पथराव करना शुरू कर दिया। लेकिन सुरक्षाबलों ने संयम बनाए रखा। अलबत्ता, सुबह नौ बजे के करीब जैसे ही तीन आतंकियों की मारे जाने की खबर फैली, हिंसक प्रदर्शन और तेज हो गया। पथराव कर रहे युवकों ने सुरक्षाबलों पर हमला करते हुए उनके हथियार छीनने का भी कथित प्रयास किया। इस पर सुरक्षाबलों को भी बल प्रयोग करना पड़ा। उसके बाद वहां हिंसक झड़पें शुरु हो गई जो कुछ ही देर में पुलवामा व उसके साथ सटे अन्य इलाकों में भी फैल गई। स्थिति पर काबू पाने के लिए सुरक्षाबलाें को लाठियों, अांसूगैस और पैलेट गन का भी सहारा लेना पड़ा। बताया जाता है कि इस दौरान सुरक्षाबलों ने हिंसक तत्वों पर काबू पाने के लिए हवाई फायरिंग भी की।

पुलिस ने अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं की है, लेकिन इस खबर के लिखे जाने तक हिंसक झड़पों में घायल हुए दो दर्जन प्रदर्शनकारियों में से सात प्रदर्शनकारियों की मौत हो गर्इ हैं। मरने वालों की पहचान आमिर अहमद, आबिद हुसैन लोन, लियाकत डार, सुहेल अहमद, शाहबाज, तोफिफ अहमद मीर, मुरतजा बशीर के रूप में हुर्इ है। श्रीनगर के अस्पताल मे लाए गए 12 घायलों में से तीन को गोली के जख्म हैं। जिनकी हालत गंभीर बनी हुर्इ है। अन्य विवरण प्रतीक्षारत हैं।

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