त्रिवेंद्र सिंह रावत सांय राज्यपाल डाॅ.कृष्ण कांत पाल से शिष्टाचार भेंट करने राजभवन पहुंचे

देहरादून 16 जून, 2017

 विधान सभा बजट सत्र समाप्ति के बाद मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत शुक्रवार सांय राज्यपाल डाॅ.कृष्ण कांत पाल से शिष्टाचार भेंट करने राजभवन पहुंचे। देानों के बीच सत्र को लेकर चर्चा हुई।

राज्यपाल ने सत्र के निर्बाध और सफल संचालन पर प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने कहा कि सत्र में जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने से निश्चित ही इन विषयों का समाधान भी सरकार अवश्य निकालेगी। राज्यपाल ने कहा कि महत्वपूर्ण विधेयकों के पास होने का लाभ भी प्रदेश की जनता को मिलेगा। वहीं बजट सत्र की शुरूआत करने से पूर्व भी मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट की थी। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री एस.रामास्वामी भी उपस्थित थे।

राजभवन देहरादूनः 16 जून, 2017
विधान सभा बजट सत्र समाप्ती के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत शुक्रवार सांय राज्यपाल डाॅ कृष्ण कांत पाल से शिष्टाचार भेंट करने राजभवन पहुंचे। देानों के बीच सत्र को लेकर चर्चा हुई।
राज्यपाल ने सत्र के निर्बाध और सफल संचालन पर प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने कहा कि सत्र में जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने से निश्चित ही इन विषयों का समाधान भी सरकार अवश्य निकालेगी। राज्यपाल ने कहा कि महत्वपूर्ण विधेयकों के पास होने का लाभ भी प्रदेश की जनता को मिलेगा। वहीं बजट सत्र की शुरूआत करने से पूर्व भी मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट की थी।

देहरादून 16 जून, 2017

प्रदेश के सहकारिता, उच्च शिक्षा, दुग्ध विकास एवं प्रोटोकाॅल राज्यमंत्री(स्वतंत्र प्रभार) डाॅ0 धन सिंह रावत ने जानकारी दी कि विश्व सहकारिता दिवस 1 जुलाई, 2017 से एक सप्ताह के लिए प्रदेश की समस्त सहकारी कृषि ऋण समितियों एवं सहकारी बैंकों में सहकारिता सम्मेलन/गोष्ठी/साधारण सभा का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इस बार संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा चयनित शीर्षक ‘‘सबका साथ’’ विषय पर क्षेत्रीय सुविधानुसार सहकारिता सम्मेलन/गोष्ठी/साधारण सभा में चर्चा की जायेगी। इस अवधि में सहकारिता विभाग के अधिकारियों को कम से कम 3 समितियों में प्रतिभाग करने के निर्देश दिये गये हैं। डाॅ0 रावत ने बताया कि सहकारिता विभाग के सुपरवाइजर से लेकर उपनिबन्धक तक के स्तर के अधिकारियों को 2 से 3 समितियों में प्रतिभाग करना अनिवार्य होगा। उन्होंने बताया कि उक्त अवधि में सहकारिता विभाग के अधिकारी सहकारिता में संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने के साथ-साथ नये सहकारिता सदस्यों को भी पंजीकृत करायेंगे। उन्होंने कहा कि समिति स्तर से लेकर जिला मुख्यालय स्तर तक अवस्थित समितियों में सहकारिता कर्मी सहकारी सदस्यता के लिए जारी टोल फ्री नम्बर की जानकारी भी उपलब्ध करायेंगे तथा सदस्य के लिए टोल फ्री नम्बर-9759500500 है। उन्होंने बताया कि टोल फ्री नम्बर डायल करने पर साधन सहकारी समिति में तैनात सचिव दूरभाष पर विवरण मांगेगा, जिसका डाटा बैंक तैयार किया जायेगा। इसी आधार पर सचिव सम्बन्धित गाँव में जाकर सहकारी सदस्य का विवरण संकलित करेंगे साथ ही सहकारिता सचिव जनता को सरकार की योजनाओं की जानकारी भी देंगे। उन्होंने बताया कि वर्तमान में सहकारिता विभाग में 5 उपनिबन्धक, 15 सहायक निबन्धक, 75 अपर जिला सहकारी अधिकारी, 119 सहायक निरीक्षक, 47 सुपरवाइजर नियुक्त हैं, जो 2 से 3 समितियों में जाकर गोष्ठी कर नई सदस्यता बनाने के साथ-साथ सहकारिता योजनाओं की जानकारी देंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अवस्थित 759 प्राथमिक कृषि ऋण समिति तथा 282 बैंक शाखाओं में सुविधानुसार सहकारी सम्मेलन/गोष्ठी विश्व सहकारिता दिवस पर आयोजित किये जायेंगे। उन्होंने आशा प्रकट की कि इन 1041 गोष्ठीयों के माध्यम से लगभग 5 लाख 20 हजार से अधिक सहकारी सदस्यों की भागीदारी सुनिश्चित होगी। उन्होंने कहा कि इन सहकारी सम्मेलन/गोष्ठी में सुविधानुसार सांसद, विधायक, ब्लाॅक प्रमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष सम्बन्धित उपजिलाधिकारी मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग करने हेतु अनुरोध किया जायेगा।

देहरादून 16 जून, 2017

शासन द्वारा जनहित में अपर सचिव ग्राम्य विकास, एपीडी, आईएलएसपी तथा निदेशक उत्तराखण्ड सामाजिक अकेंक्षण जवाबदेही एवं पारदर्शिता अभिकरण(यूएसएएटीए) श्री चन्द्रेश कुमार यादव को वर्तमान पदभार से अवमुक्त करते हुए मिशन निदेशक एन.एच.एम. तथा परियोजना निदेशक उत्तराखण्ड हैल्थ सिस्टम डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के पद पर तैनात किया गया है।

कार्मिक विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अपर सचिव नियोजन, कार्यक्रम क्रियान्वयन वाह्य सहायतित योजनायें(ईएपी), गृह, कार्मिक, वन एवं पर्यावरण तथा मुख्य कार्यकारी अधिकारी, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना(पीएमजीएसवाई) श्री भूपाल सिंह मनराल को मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना(पीएमजीएसवाई) के पदभार से अवमुक्त किया गया है। अपर सचिव उच्च शिक्षा तथा निदेशक स्वजल डाॅ.राघव लंगर को मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना(पीएमजीएसवाई) का अतिरिक्त पदभार दिया गया है। मिशन निदेशक एन.एच.एम. तथा परियोजना निदेशक उत्तराखण्ड हैल्थ सिस्टम डेवलपमेंट प्रोजेक्ट तथा संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तराखण्ड श्री नितिन सिंह भदौरिया को वर्तमान पदभार से अवमुक्त करते हुए मुख्य विकास अधिकारी हरिद्वार के पद पर तैनात किया गया है। संयुक्त मजिस्ट्रेट देहरादून श्री विनीत कुमार को वर्तमान पदभार से अवमुक्त करते हुए मुख्य विकास अधिकारी उत्तरकाशी के पद पर तैनात किया गया है।

सचिव उत्तराखण्ड लोक सेवा आयोग हरिद्वार श्री रामविलास यादव को वर्तमान पदभार से अवमुक्त करते हुए अपर सचिव ग्राम्य विाकस, एपीडी, आईएलएसपी तथा निदेशक उत्तराखण्ड सामाजिक अकेंक्षण जवाबदेही एवं पारदर्शिता अभिकरण(यूएसएएटीए) के पद पर तैनात किया गया है। संयुक्त सचिव लोक सेवा आयोग हरिद्वार श्री गिरधारी सिंह रावत को वर्तमान पदभार से अवमुक्त करते हुए मुख्य विकास अधिकारी देहरादून तथा संयुक्त मुख्य प्रशासक उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण के पद पर तैनात किया गया है। मुख्य विकास अधिकारी देहरादून तथा संयुक्त मुख्य प्रशासक उत्तराखण्ड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण(गढ़वाल मण्डल) पौड़ी श्री बंशीधर तिवारी को वर्तमान पदभार से अवमुक्त करते हुए सचिव लोक सेवा आयोग हरिद्वार तथा सचिव हरिद्वार विकास प्राधिकरण के पद पर तैनात किया गया है।

मुख्य पर तैनात किया गया है। सचिव हरिद्वार विकास प्राधिकरण श्री अरविन्द कुमार पाण्डेय को वर्तमान पदभार से अवमुक्त करते हुए अपर जिलाधिकारी(प्रशासन) नैनीताल के पद पर तैनात किया गया है। सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी तथा मुख्य नगर अधिकारी नगर निगम हल्द्वानी श्री कृष्ण कुमार मिश्र को सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी के पदभार से अवमुक्त किया गया है। डिप्टी कलेक्टर उधमसिंहनगर श्री पंकज कुमार उपाध्याय को वर्तमान पदभार से अवमुक्त करते हुए सिटी मजिस्ट्रेट हल्द्वानी के पद पर तैनात किया गया है। डिप्टी कलेक्टर हरिद्वार श्री अनिल गब्र्याल को वर्तमान पदभार से अवमुक्त करते हुए डिप्टी कलेक्टर चम्पावत के पद पर तैनात किया गया है। डिप्टी कलेक्टर देहरादून सुश्री शालिनी नेगी को वतर्मान पदभार से अवमुक्त करते हुए उप सचिव सूचना आयोग देहरादून के पद पर तैनात किया गया है। संयुक्त सचिव एमडीडीए(डिप्टी कलेक्टर उत्तरकाशी के पद पर स्थानान्तरणाधीन) श्रीमती मीनाक्षी पटवाल को डिप्टी कलेक्टर उत्तरकाशी के पद पर किया गया स्थानान्तरण निरस्त करते हुए डिप्टी कलेक्टर देहरादून के पद पर तैनात किया गया है।

देहरादून 16 जून, 2017

नारी निकेतन की दो बालिकाओं को उनके परिवार से मिलवाया गया है। दोनों बालिकाएं मध्य प्रदेश की हैं और पिछले 9 वर्षों से यहां रह रही थी। शुक्रवार को सचिवालय में रजनी व रेखा दोनों बालिकाओं ने मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से भेंट की। मुख्यमंत्री श्री रावत ने बालिकाओं के अपने घर वापिस लौटने पर खुशी जाहिर करते हुए उन्हं् राज्य सरकार की ओर से 25-25 हजार रूपए की आर्थिक सहायता दिए जाने की बात कही। मुख्यमंत्री श्री रावत ने कहा कि नारी निकेतन की स्थिति में सुधार आ रहा है। वहां की संवासिनियों व बालिकाओं द्वारा सूखे फूलों से धूप अगरबत्तियां बनाई जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीएम आवास मे उनसे मिलने के लिए आने वाले बहुत से लोग फूलों के बुके लेकर आते हैं। इन फूलों को नारी निकेतन भिजवाए जाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि इनका उपयोग धूप, अगरबत्ती बनाने में किया जा सकें। इस अवसर पर सचिव डॉ. भूपिंदर कौर औलख व बालिकाओं के परिजन भी उपस्थित थे।

देहरादून 16 जून, 2017

प्रेस नोट-02(06/77)
नाबार्ड के तहत प्रस्तावों की डीपीआर तय समय सीमा में तैयार करते हुए भिजवाना सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से इंजीनियरिंग विभाग अपना माइंडसैट बदलें और नए तरीके से सोचें व व्यवारिक योजनाएं बनाएं। शुक्रवार को सचिवालय में नाबार्ड से फंडिंग के लिए विभागों के विभिन्न प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री श्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उक्त निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री रावत ने विभागीय अधिकारियों से विभिन्न प्रस्तावों की बारीकी से जानकारी ली। उन्होंने पेयजल के अधिकारी से कुछ योजनाओं के संबंध में पूरी जानकारी न मिलने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बैठकों में पूरी तैयारी के साथ आना चाहिए। सभी इंजीनियरिंग विभागों के मुख्य अभियंताओं को भी फील्ड में जाना चाहिए और योजनाओं की फीजिबिलिटी जांचनी चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री रावत ने निर्देश दिए कि रेन वाॅटर हारवेस्टिंग पर आधारित मॉडल परियोजना तैयार की जाए। यह ऐसी योजना हो, जो एक बड़ी आबादी को वर्ष भर रेन वाॅटर से पीने व अन्य कार्यों के लिए पानी की आपूर्ति करें। उत्तरकाशी व टिहरी में कोल्ड वाॅटर फिशरिज की योजना बनाई जाए। कृषि, सिंचाई व मत्स्य विभाग समन्वित रूप से योजनाएं बनाएं। अपर मुख्य सचिव डॉ. रणवीर सिंह इसे कोऑर्डिनेट करेंगे।
बैठक में बताया गया कि नाबार्ड ने 750 करोड़ रूपए की फंडिंग की स्वीकृति दी है। आवश्यक होने पर इस सीमा को बढ़ाया भी जा सकता है। मुख्यतः लोक निर्माण विभाग के 250 करोड़ रूपए, सिंचाई विभाग के 170 करोड़ रूपए व पेयजल विभाग के 135 करोड़ रूपए के प्रस्ताव हैं।
बैठक में मुख्य सचिव श्री एस.रामास्वामी, अपर मुख्य सचिव श्री ओमप्रकाश, डॉ.रणवीर सिंह सहित शासन व नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित ।

 

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