13 साल बाद आधार की दस्तक से बेटे के जिंदा होने की उम्मीद

हल्द्वानी : नियति भी कभी-कभी बड़े अजब खेल दिखाती है। बच्चा ज्यों-ज्यों जवान होता है, माता-पिता की उम्मीदें उतनी ही परवान चढ़ती हैं, लेकिन चंपावत जिले की रहने वाली लक्ष्मी की उम्मीदों को नियति ने बड़ा सताया है। 2005 सबसे बड़ा बेटा प्रेम सिंह लापता हो गया। बहुत खोजा, लेकिन नाउम्मीदी के सिवाय कुछ नहीं मिला और मां के हिस्से में आए सिर्फ आंसू। आज पूरे 13 साल ‘वनवास’ के बाद लक्ष्मी की बूढ़ी होती आंखों को फिर से एक रोशनी मिली है। यह रोशनी लाया है वह आधार कार्ड, जिस पर बेटे का नाम दर्ज है। वो बेटा, जिसके जिंदा होने की उम्मीद भी लगभग टूट रही थी। घर के पते पर डाक से आधार की दस्तक से अब मां बेचैन है। इसलिए, क्योंकि उसे बेटे से मिलना है।

चंपावत जिले के सुदूरवर्ती गांव चौड़ापिता, रीठासाहिब की रहने वाली 55 साल की लक्ष्मी देवी और उमेद सिंह बोरा का का सबसे बड़ा बेटा है प्रेम सिंह बोरा। जब प्रेम लापता हुआ, उस समय वह चम्पावत में रहने वाले अपने चाचा प्रताप सिंह के घर पर रहकर पढ़ाई करता था।

12वीं पास करते ही प्रेम के अचानक गायब होने से परिवार में कोहराम मचा। पूरे परिवार के साथ ही नाते-रिश्तेदारों व ग्रामीणों ने उसकी तलाश की, लेकिन कहीं पता नहीं लगा। पुलिस की मदद लेने से भी सफलता नहीं मिली।

बीते दिसंबर में लक्ष्मी को डाक से एक आधार कार्ड मिला। यह कार्ड प्रेम सिंह का है और उस पर उसके पिता के साथ ही घर का पता दर्ज है। प्रेम की फोटो भी लगी है। आधार कार्ड घर आने के बाद अब लक्ष्मी देवी नाते-रिश्तेदारों के अलावा गांव वालों से मदद मांगकर बेटे को ढूंढने की गुहार लगा रही हैं।

पिछले साल नवंबर में बना आधार 

प्रेम सिंह बोरा का आधार कार्ड सात नवंबर 2017 को बनाया गया है। आधार कार्ड जिस लिफाफे में आया था, उसमें जयपुर, राजस्थान की मुहर लगी थी। आधार कार्ड में एक मोबाइल नंबर भी लिखा हुआ है। हालांकि वह नंबर बंद जा रहा है। परिवार वालों ने पुलिस-प्रशासन से आधार कार्ड में दर्ज नंबर के रिकार्ड निकालकर प्रेम को ढूंढने की गुहार लगाई है।

चंपावत के पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है। आधार कार्ड में दर्ज फोन नंबर पर प्रेम से उसके छोटे भाई ने बात की। उसके बाद से नंबर बंद है। मोबाइल नंबर का रिकार्ड निकालकर संबंधित जिले की पुलिस से संपर्क किया जाएगा। प्रेम को ढूंढने के लिए फिर प्रयास किए जाएंगे।

 

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