गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने में कुछ ही दिन शेष, यात्रा मार्ग की हालत खराब

उत्तरकाशी: गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने में कुछ ही दिन शेष बचे हैं और यात्रा तैयारियों के नाम पर अब तक सन्नाटा पसरा हुआ है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि इतनी अल्प अवधि में अधूरी तैयारियां कैसे पूरी हो पाएंगी। देखा जाए तो यह प्रशासन के लिए भी अग्नि परीक्षा से कम नहीं है।

उत्तराखंड के चार धामों में गंगोत्री व यमुनोत्री धाम उत्तरकाशी जिले में पड़ते हैं। लेकिन, इन धामों को जोडऩे वाले गंगोत्री व यमुनोत्री हाईवे पर डेंजर जोन के स्थायी इंतजाम अब तक नहीं हो पाए हैं। जबकि, बीते यात्रा सीजन की तुलना में इस बार स्थितियां भिन्न हैं।

गंगोत्री में बेली ब्रिज, डाबरकोट व धरासू बैंड के भूस्खलन जोन जैसे कई ऐसे स्थान हैं, जो हल्की-सी बारिश में भी संकट खड़ा कर सकते हैं। लेकिन, इन पर अब तक प्रशासन का ध्यान ही नहीं गया। यह ठीक है कि बीते दस दिनों के अंतराल में प्रशासन दो बैठकें और दो बार हाईवे पर यात्रा व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर चुका है। पर, व्यवस्थाओं को सुचारु करने की सक्रियता दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही।

डाबरकोट भूस्खलन जोन

यमुनोत्री हाईवे पर डाबरकोट का भूस्खलन जोन इस बार हल्की-सी बारिश होने पर भी कहर ढा सकता है। स्वयं प्रशासन इस बात को स्वीकार कर रहा है और इसके लिए डाबरकोट से पहले ओजरी में पार्किंग, शौचालय आदि की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं। लेकिन, इस भूस्खलन जोन का उपचार या फिर वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था नहीं की गई।

धरासू बैंड का भूस्खलन जोन 

गंगोत्री हाईवे पर धरासू बैंड के पास भूस्खलन जोन इस बार स्थिति को और विकट बना सकता है। भूस्खलन जोन वाले क्षेत्र में कङ्क्षटग तो कर दी गई है, लेकिन ट्रीटमेंट नहीं किया गया।

यमुनोत्री हाईवे चौड़ीकरण 

यमुनोत्री हाईवे पर धरासू से लेकर सिलक्यारा तक चौड़ीकरण कार्य चल रहा है। पहाड़ी की कई स्थानों पर कङ्क्षटग भी की गई, लेकिन भूस्खलन रोकने को कोई कदम नहीं उठाए गए।

गंगोरी बेली ब्रिज 

गंगोत्री हाईवे पर बेली ब्रिज के तैयार होने तक यात्रा असी गंगा नदी पर ह्यूम पाइप डालकर बनाए गए वैकल्पिक मार्ग से संचालित होगी। लेकिन, अगर बारिश हुई वैकल्पिक मार्ग के टिकने के आसार नहीं हैं। हल्की बारिश में भी इस मार्ग पर वाहनों के फिसलने की आशंका बनी हुई है।

सभी विभागों को दिए गए निर्देश 

डीएम उत्तरकाशी डॉ. आशीष चौहान के मुताबिक संबंधित सभी विभागों को चारधाम यात्रा की सुचारु व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाट 18 अप्रैल को खुलेंगे। लेकिन, यात्रा केदारनाथ व बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने के बाद ही गति पकड़ेगी। इसलिए हमारे पास 25 अप्रैल तक का वक्त है। गंगोरी बेली ब्रिज भी एक माह के भीतर बनकर तैयार हो जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *