सांस लेने में अगर तकलीफ हो तो करें ये उपाय,बिना दवा के हो जाओगे ठीक

दिसंबर लगभग आधा निकल चुका है और इसके साथ सर्दी भी अपने रुआब पर आती जा रही है। सर्दी के कारण अक्‍सर ही लोग कई तरह की बीमारियों का शिकार होने लगते हैं। इसमें ट्रॉन्सिल्‍स में सूजन और सांस लेने में तकलीफ के साथ गले में दर्द की समस्‍या बढ़ जाती है। इस समस्‍या को बिना दवा खाए ही हमेशा के लिए भगाया जा सकता है। इसके लिए घर में उपलब्‍ध कुछ चीजों का खाने में इस्‍तेमाल करना होगा।

सर्दी के मौसम में अत्‍यधिक ठंडा पानी पीने, हवा में घूमने या फिर ओस में ज्‍यादा समय तक बने रहने के कारण लोगों को ट्रॉन्सिल्‍स में सूजन आने के कारण गले में दर्द शुरू हो जाता है। इस समस्‍या से जूझ रहा व्‍यक्ति ठीक से खाना तक नहीं खा पाता है। उसे कुछ निगलने में दिक्‍कत होने लगती है। इसके साथ उसे बदन दर्द के साथ तेज बुखार भी आ जाता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक इस समस्‍या को खानपान में सुधार के जरिए जड़ से ठीक किया जाता है। जानकार बताते हैं कि सर्दी के कारण होने वाली इस तरह की समस्‍या के लिए गुड़ का सेवन रामबाण दवा की तरह काम करता है। गुड़ में बड़ी मात्रा में एंटीऑक्‍सीडेंट होते हैं जो एंटीबायोटिक की तरह ही काम करते हैं। यह सेहत के लिए बेहद गुणकारी बताया गया है।

गुड़ में बड़ी मात्रा में पाया जाने वाला एंटीऑक्‍सीडेंट सेलेनियम शरीर के इंफेक्‍शन को खत्‍म करता है। गले में दर्द, ट्रॉन्सिल्‍स में सूजन, फेफड़ों में समस्‍या, सांस लेने में दिक्‍कत जैसी परेशानियों से यह छुटकारा दिलाने में सबसे ज्‍यादा कारगर साबित होता है। गुड़ को तिल, सोंठ के साथ मिलाकर बनाए गए पदार्थ को रोजाना सेवन करने से इस तरह की समस्‍या को जड़ से खत्‍म किया जा सकता है।

ऐसे मरीजों को इस तरह की समस्‍या को पूरी तरह से ठीक करने के लिए सर्दी के मौसम में नियमित सुबह और शाम भोजन के साथ देसी गुड़ का सेवन करना चाहिए। इसके साथ ही उन्‍हें सुबह शाम उबले हुए नमकीन गुनगुने पानी से गले को साफ करना चाहिए। ऐसे लोगों को अदरख और गुड़ की बनी चा‍य पीनी चाहिए। इस दौरान दही, मट्ठा, शीतल पेय, अत्‍यधिक मीठी चीजें नहीं खानी चाहिए।

विशेषज्ञ मानते हैं कि सर्दी से बचने के यह घरेलू उपाय बेहद लाभदायक हैं। लेकिन, इनका फायदा नियमित सेवन और तय परहेज करने से ही होता है। साथ ही यह तरीका तत्‍काल राहत नहीं देता है, इम्‍यून सिस्टम को स्‍ट्रांग होने में थोड़ा वक्‍त लगता है इसलिए जल्‍दबाजी करना ठीक नहीं होगा। जानकार मानते हैं कि अगर ज्‍यादा तकलीफ हो तो तत्‍काल चिकित्‍सक से सलाह लेनी चाहिए।

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