दून में संक्रमण तेजी से फैल रहा है, वर्तमान में 1409 एक्टिव मरीज

दून में कोरोना बेकाबू होता जा रहा है। संक्रमण जिस तेजी से फैल रहा है, वह कहीं न कहीं कम्युनिटी ट्रांसमिशन की ओर इशारा है। हालांकि सिस्टम फिलहाल यह मानने को तैयार नहीं कि वायरस का सामुदायिक स्तर पर फैलाव हो रहा है। बहरहाल, दिन-प्रतिदिन अधिसंख्य में कोरोना के नए मामले मिलने से चिंता ही नहीं, चुनौतियां भी बढ़ती जा रही हैं। बुधवार को भी जनपद में 184 और लोग कोरोना की चपेट में आए हैं।

धर्मपुर विस क्षेत्र से भाजपा विधायक विनोद चमोली भी कोरोना संक्रमित मिले हैं। वह हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट में भर्ती हैं। बताया जा रहा है कि पिछले तीन-चार दिन में ही उनके सपंर्क में कई पार्षद, कार्यकर्त्‍ता और स्थानीय लोग आए हैं।

नगर निगम का एक कर्मचारी भी संक्रमित मिला है। वहीं सचिवालय में भी अपर सचिव की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इधर, कोरोना के खिलाफ छिड़ी जंग में फ्रंटलाइन पर डटे स्वास्थ्य कर्मी भी हर अंतराल बाद संक्रमित मिल रहे हैं। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चार कर्मचारियों में कोरोना की पुष्टि हुई है। इनमें एक सिस्टर इंचार्ज, स्टाफ नर्स, आया व एक सफाई कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट के एक कर्मचारी की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। कुल मिलाकर जनपद देहरादून में अब संक्रमित मरीजों का आंकड़ा साढ़े चार हजार के करीब पहुंच गया है। हालांकि कुल संक्रमितों में से अब तक 2856 लोग ठीक हो चुके हैं। वर्तमान में 1409 एक्टिव मरीज हैं।

रुद्रप्रयाग के जयमंडी गांव में मिले 36 कोरोना पॉजिटिव

रुद्रप्रयाग जिला मुख्यालय से जुड़े जयमंडी गांव में 36 कोरोना संक्रमित मरीजों की पुष्टि हुई है। प्रशासन ने पूरा गांव सील कर दिया है। गांव में आने व जाने पर 14 दिनों का प्रतिबंध लगा दिया गया है।

रुद्रप्रयाग शहर से मात्र डेढ़ किमी की दूरी पर स्थित जयमंडी में गत 29 अगस्त को एक युवक कोरोना संक्रमित पाया गया था। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने जयमंडी क्षेत्र से 90 ग्रामीणों के सैंपल कोरोना जांच के लिए भेजे। बुधवार को मिली रिपोर्ट में से 36 सैंपल पॉजिटिव पाए गए हैं। सभी मरीजों को स्वास्थ्य विभाग ने आइसोलेशन वार्ड कोटेश्वर में भर्ती कर दिया है। जिलाधिकारी वंदना सिंह ने बताया कि जयमंडी क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया जाएगा। डीएम ने बताया कि जयमंडी में स्वास्थ्य विभाग की एक टीम कांटेक्ट ट्रेसिंग के लिए भेज दी गई है व गांव के आसपास के ग्रामीणों के सैंपल भी टेस्ट के लिए भेजे जा रहे है।

वहीं, बताया जा रहा है कि जयमंड़ी गांव में कुछ दिनों पहले घड़ियाला देवता का कार्यक्रम भी था, जिसमें गांव के साथ ही आसपास के लोग भी शामिल हुए थे। जिला मुख्यालय रुद्रप्रयाग में भी गांव से बड़ी संख्या में दूध व सब्जी रोजाना पहुंचती है। ऐसे में शहर में भी कोरोना का संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।

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