राहगीरों से मोबाइल लूटने वाले गैंग को कोतवाली पुलिस ने किया गिरफ्तार

देहरादून। झपट्टा मारकर राहगीरों से मोबाइल लूटने वाले गैंग के दो सदस्यों के साथ ही लूट का माल खरीदने वाले को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से छह मोबाइल और घटना में प्रयुक्त एक स्कूटी भी बरामद की है। गैंग का एक सदस्य अभी भी फरार है।

एसपी सिटी श्वेता चौबे ने बताया कि सूचना मिली कि कोतवाली नगर के हिंदू नेशनल इंटर कॉलेज के पास एक मोबाइल लूट की घटना हुई है। इसमें स्कूटी सवार तीन बदमाशों ने फोन पर बात करते हुए पैदल चल रहे वहाजुद्दीन निवासी गाधी ग्राम कल्याण आश्रम का मोबाइल लूट लिया और फरार हो गए।

शिकायत के बाद पुलिस ने लूट का मामला दर्ज किया और टीम गठित कर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी। पीड़ित के बताए गए हुलिये के आधार पर टीम ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले।

एसपी सिटी ने बताया कि टीम को सूत्रों से सूचना मिली कि तीन युवक लाल रंग की एक्टिवा पर शहर में घूम रहे हैं। सूत्र ने बताया कि तीनों युवक गोविंदगढ़ रोड पर मोबाइल बेचने और घटना को अंजाम देने की फिराक में घूम रहे हैं। इस पर पुलिस ने गोविंदगढ़ रोड से तीन युवकों को लूटे गए स्मार्ट फोन व घटना में प्रयुक्त एक स्कूटी के साथ गिरफ्तार कर लिया।

आरोपितों की पहचान अंकित पुंडीर पुत्र राजेश पुंडीर, मोहित पुंडीर पुत्र सुरेंद्र पुंडीर शिवा तोमर पुत्र राजेश तोमर सभी निवासी मोती बाजार के रूप में हुई है। आरोपितों का एक साथी अभिषेक उर्फ काका निवासी गोपाल भवन मन्नू गंज फरार है। इनमें से अंकित गैंग का सरगना है, जबकि शिवा तोमर इनके लूटे हुए समान को खरीदता है।

स्मैक की लत ने बनाया लुटेरा 

एसएसआइ कोतवाली नगर अशोक राठौर ने बताया कि गैंग का सरगना अंकित ई-रिक्शा चलाता है और आठवीं फेल है। मोहित पुंडीर इसके ताऊ का लड़का है। अभिषेक उर्फ काका व शिवा तोमर सभी एक-दूसरे को बचपन से जानते हैं।

मोहित अपने पिता के साथ इंटीरियर डेकोरेशन, जबकि शिवा फर्नीचर पॉलिश का काम करता है। बताया कि अंकित, मोहित व अभिषेक तीनों को करीब 2-3 महीने पहले स्मैक की लत लगी।

वह जो भी कमाते थे, स्मैक में चला जाता था। लत बढ़ गई तो पैसों के लिए अंकित ने अपनी बहन की स्कूटी लेकर मोहित और अभिषेक के साथ लोगों के मोबाइल लूटना शुरू कर दिया। शिवा इनसे लूटे गए मोबाइल सस्ते दामों में खरीदकर बेच देता था।

ऐसे देते थे वारदात को अंजाम 

आरोपितों ने बताया कि वह शहर में घूमते रहते थे। जब भी किसी को मोबाइल पर बात करते देखते तो स्कूटी से उसका पीछा करते। इसके बाद सुनसान जगह या मौका देखकर वह झपट्टा मारते और मोबाइल लूट लेते थे। कोई इनका विरोध करता तो उसको डरा-धमकाकर या धक्का देकर मौके से भाग जाते थे। आरोपितों ने 1-2 महीने में पूरे शहर में करीब छह से सात घटनाएं करना स्वीकार किया है। पुलिस फरार आरोपित की तलाश में जुट गई है।

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