पांच अगस्त को पीएम नरेंद्र मोदी के साथ मोहन भागवत की मौजूदगी इस तारीख को विशेष बनाएगी

रामनगरी अयोध्या में पांच अगस्त को लेकर कौतुहल चरम पर है। यहां पर पांच अगस्त को पीएम नरेंद्र मोदी के साथ राष्ट्रीय स्वयं सेवकसंघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत की मौजूदगी इस तारीख को विशेष बनाएगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर अयोध्या में पांच अगस्त को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का भूमि पूजन करने के साथ शिलान्यास भी करेंगे। इसके साथ ही सरसंघ चालक मोहन भागवत यहां पर आरएसएस के नए कार्यालय साकेत निलयम का उद्घाटन करेंगे।

अयोध्या में शायद यह पहला मौका होगा कि दो दिग्गज एक साथ एक ही दिन रामनगरी में मौजूद होंगे। पीएम नरेंद्र मोदी के अयोध्या में पांच अगस्त आगमन का समय करीब 12 बजे का है। इसी समय आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत भी पधारेंगे। सरसंघ चालक मोहन भागवत यहां पर करीब 30 हजार वर्गफुट के परिसर में बने संघ के कार्यालय का उद्घाटन करेंगे। वैसे तो उनका नाम भी अभी तक बनी 268 मेहमानों की सूची में है।

पांच अगस्त को रामजन्मभूमि पर मंदिर के भूमि पूजन का मौका बेहद यादगार होगा। कार्यक्रम में एक ओर जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी होगी तो दूसरी ओर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति इस मौके को यादगार बनाएगी। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आरएसएस प्रमुख चार अगस्त को ही पहुंच जाएंगे। हालांकि सुरक्षा कारणों से अभी उनका पूरा कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि वे संघ के नए कार्यालय साकेत निलयम का उद्घाटन भी कर सकते हैं। इसकी पुष्टि संघ के एक पदाधिकारी ने की है।

प्रदेश के सबसे आधुनिक कार्यालयों में शुमार संघ का यह भवन आधा एकड़ परिसर में बना है। मौजूदा समय में कार्यालय में करीब 25 कमरे व पांच हाल बनकर तैयार भी हो गए हैं। तीन तल वाले इस कार्यालय में भविष्य में लिफ्ट लगवाने की भी योजना है। लॉकडाउन के दौरान इसी भवन से जरूरतमंदों की सहायता का अभियान भी संचालित हो रहा था। अभी तक इसका औपचारिक रूप से उद्घाटन नहीं हुआ है। इसीलिए माना जा रहा है कि संघ प्रमुख अपने दौरे में कार्यालय का उद्घाटन भी कर सकते हैं।

268 मेहमानों की बनी सूची

अयोध्या में पांच अगस्त को राममंदिर के भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से 268 मेहमानों की सूची तैयार की गयी है। इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं संघ प्रमुख मोहन भागवत सहित मंदिर आंदोलन के शीर्ष शिल्पियों में शुमार रहे वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी एवं मुरली मनोहर जोशी, साध्वी ऋतंभरा, मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमाभारती, बजरंगदल के संस्थापक संयोजक एवं पूर्व सांसद विनय कटियार, वशिष्ठ पीठाधीश्वर एवं पूर्व सांसद डॉ. रामविलासदास वेदांती भी शामिल होंगे।

तीन नंबर गेट से भूमि पूजन को जाएंगे वीवीआइपी 

अयोध्या में पांच अगस्त को राम मंदिर के भूमि पूजन के लिए मंदिर परिसर में वीवीआइपी को ले जाने का रूट लगभग तय हो चुका है। यह गेट नंबर तीन मार्ग है, जो श्रीराम हॉस्पिटल के पास स्थित क्षीरेश्वर नाथ महादेव मंदिर से फैजाबाद शहर जाने वाले मार्ग से चंद कदम के बाद मंदिर परिसर को जाता है। बहुप्रतीक्षित राम मंदिर निर्माण के भूमि पूजन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पांच अगस्त को आना है। पीएम मोदी के आधिकारिक कार्यक्रम का सवाल खड़ा कर अधिकारी इसे लेकर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं। पहले भी वीवीआइपी को मंदिर में जाने के लिए इसी रास्ते का इस्तेमाल होता रहा। करीब 650 मीटर लंबा यह यह मार्ग बनकर तैयार है। केंद्र सरकार ने सुरक्षा के लिहाज से नए मार्ग के लिए करीब एक करोड़ 17 लाख रुपया उपलब्ध कराया था। पीडब्ल्यूडी के प्रांतीय खंड ने ई- टेंडर कर निर्माण कराया है। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों ने जानकारी देने से बचने के लिए हाथ जोडऩे का रास्ता निकाला है। पीएम मोदी की सुरक्षा का वास्ता देकर अधिकारी भी बोलने को तैयार नहीं। जिस क्षीरेश्वर नाथ महादेव मंदिर के आगे स्थित गेट नंबर तीन वाले मार्ग से भूमि पूजन के लिए वीवीआइपी ले जाने की तैयारी है।

अयोध्या में उसी मार्ग से मंदिर निर्माण के लिए तराशे गए श्रीराम जन्मभूमि कार्यशाला से पत्थर भी जाने हैं। तराशे गए पत्थरों की ढुलाई के लिहाज से सड़क को बहुत मजबूत बताया जाता है। इंजीनियरों की मानें तो सड़क का ऐसा निर्माण किया गया है कि 10 टन ही नहीं 15 टन से ज्यादा वजन की ढुलाई करने में भी दिक्कत नहीं होगी। तराशे गए पत्थरों की ढुलाई के लिए गेट नंबर तीन से रामजन्मभूमि मार्ग पहले से ही तय होने की चर्चा है। तराशे गए पत्थर ढोने वाले ट्रक रामघाट कार्यशाला से वाया नयाघाट के रास्ते श्रीराम हॉस्पिटल होते गेट नंबर तीन से मंदिर परिसर में दाखिल होंगे।

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