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कैंट बोर्ड: चुनाव टलने की आहट, चर्चा से दावेदारों की बढ़ी चिंता

देशभर के कैंट बोर्ड में 30 अप्रैल को होने वाले चुनाव अधर में लटक सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, रक्षा मंत्रालय चुनाव को फिर टाल सकता है। कैंट बोर्ड के अधिकारी भी अनाधिकृत रूप से इसकी पुष्टि कर रहे हैं। हालांकि, अभी तक इस संबंध में आधिकारिक आदेश नहीं आया है। वहीं, चुनाव टलने की चर्चा से दावेदारों की चिंता बढ़ गई है।

दरअसल, देशभर के कैंट बोर्ड के चुनाव वर्ष 2020 में होने थे लेकिन कैंट बोर्ड एक्ट में संशोधन चलते रक्षा मंत्रालय ने कार्यकाल बढ़ा दिया था। दो साल से कैंट बोर्ड के चुनाव नहीं हो पाए थे। इस बीच 22 फरवरी को रक्षा मंत्रालय ने देशभर के सभी कैंट बोर्ड के लिए चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी। 30 अप्रैल चुनाव की तिथि घोषित होते ही उत्तराखंड के नौ कैंट बोर्ड ने भी तैयारी शुरू कर दी। मतदाता सूचियों के संशोधन के बाद अब चुनाव के तहत नामांकन प्रक्रिया शुरू होनी है।

एक-दो साल के टल सकते हैं चुनाव

उधर, चुनाव की सरगर्मी के बीच राजनीतिक दलों के नेता तैयारियों में जुटे हैं। लेकिन, अचानक चुनाव टलने की चर्चा ने उनकी चिंताएं बढ़ा दी हैं। सूत्रों के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय कैंट बोर्ड के चुनाव को एक-दो साल के लिए टाल सकता है।

एक-दो दिन में आधिकारिक पत्र भी कैंट बोर्ड के पास आ सकता है। इसकी बजह कैंट बोर्ड की माली हालत ठीक नहीं होने, कैंट बोर्ड एक्ट में संशोधन और सिविल क्षेत्रों को नगर निगम में शामिल करने की योजना इसकी वजह बताई जा रही है।

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