पिथौरागढ: में फ़टा बादल, तीन की लोगों की मौत, 11 अब भी लापता

उत्‍तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में बारिश ने एक बार फिर तबाही बचाई है। जिले के बंगापानी तहसील के गैला टांगा में रविवार देर रात एक बजकर 44 मिनट के आसपास बादल फटने से एक मकान मलबे में जमीदोज हो गया। हादसे में तीन जोगों की मौत हो गई। टांगा गांव में 11 लोग लापता बताए जा रहे हैं, जबकि एक घायल है। सूचना पर एसडीआरएफ, आपदा प्रबंधन टीम, एसडीएम, विधायक घटनास्थल के लिए रवाना हो चुके हैं। दोनों गावों में ग्रामीण खोज और बचाव कार्य मे जुटे हैं। अत्‍यधिक बारिश होने के कारण रास्‍ता बहने से मार्ग बंद हो गया है। सेरा सिरतोला गांव के युवा बचाव के लिए पहुंच चुके हैं। सड़क पर मलबा आने के कारण टनकपुर-तवाघाट हाईवे बन्द हो गया है। दुर्गम क्षेत्र और नेटवर्क न होने के कारण स्‍‍थि‍ति की सटीक जानकारी नहीं मिला पा रही है।

निकाले गए तीन ग्रामीणों के शव 

गैला में हुए भूस्खलन की चपेट में आकर ध्वस्त मकान के मलबे में दबकर मरे तीन लोगों के शव ग्रामीणों ने निकाल लिए हैं। मृतकों में शेर सिंह, गीता देवी और ममता के शव निकाले गए हैं। हादसे में चार लोग डिगर सिंह, प्रियंका, ढीला, रुक्मिणी घायल हैं। ग्रामीणों द्वारा शव निकाले जाने के बाद मदकोट पुलिस चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे हैं। एनएसयूआइ नेता विक्रम दानू के साथ ग्रामीण युवाओ ने मलबे से शव निकाले।

मुनस्यारी और धापा में शनिवार रात फटा था बादल

शनिवार रात भी पिथौरागढ़ जिले में बादल फटने से तबाही मची थी। चीन सीमा से लगी तीन उच्च हिमालयी घाटियों का तहसील मुख्यालय सहित शेष जगत से सम्पर्क भंग हा गया था। बंगापानी तहसील के छोरीबगड़ स्थित तहसील मुख्यालय में पांच मकान बह गए थे एक मकान नदी किनारे लटका है, वह भी कब बह जाए कुछ कहा नहीं जा सकता है। हादसे में कई जानवर भी बह गए। गोरी नदी का जलस्तर चेतावनी लेबल को पार कर चुका है। मदकोट में मंदाकिनी ने विकराल रूप लिया है। मुनस्यारी के शीर्ष में दस हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित कुमाऊं मंडल विकास निगम का पर्यटक आवास गृह की दीवारों में दरारें पड़ चुकी हैं। डर के कारण यहां के कर्मियों ने गुफा में रात गुजारी थी।

बह गया था बच्‍चा, एसडीएम कार्याल में भी बची तबाही  

धापा गांव में बादल भारी बारिश से गांव में ही सैलाब बहने लगा था। इस दौरान एक पांच साल का बच्चा मां से हाथ छूट जाने के कारण घर में घुसे नाले में बह गया। गनीमत रही कि नाले में सड़क से होते हुए एक खेत में बने छोटे गड्ढे में गिर था, पांच घंटे बाद उसे सुरक्षित बरामद किया गया। बच्चे की तलाश में मां की हालत खराब हो गई। दोनों को मुनस्यारी अस्पताल भेजा गया है। मुनस्यारी में खलिया की तरफ से आने वाला पानी उपजिलाधिकारी न्यायालय और कार्यालय में बहने लगा । पूरा गेट तोड़ कर कार्यालय में तबाही मचा दी । एसडीएम और तहसीलदार के वाहन भी इस नाले में फंस गए। नगर की कई दुकानों और मकानों में पानी और मलबा घुसा नगर में खलबली मच गई ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *