छात्रवृत्ति घोटाला: गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपित जीआर नौटियाल पहुंचे हाई कोर्ट

नैनीताल: समाज कल्याण विभाग में एससी-एसटी छात्रों के छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपित संयुक्त निदेशक जीआर नौटियाल गिरफ्तारी से बचने के लिए हाई कोर्ट पहुंच गए हैं। न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए 27 मई को इस मामले की जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।

समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक व हरिद्वार के पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी नौटियाल ने गिरफ्तारी पर रोक के लिए याचिका दायर की है। याचिका में कहा है कि उनके द्वारा पद का दुरुपयोग नहीं किया गया। ना ही वह इस घोटाले में शामिल हैं। उनको बेवजह इस मामले में फंसाया जा रहा है, लिहाजा गिरफ्तारी पर रोक लगाने के साथ ही प्राथमिकी भी निरस्त की जाए। बता दें कि पिछले साल पहली दिसंबर को एसआइटी के निरीक्षक जवाहरलाल द्वारा छात्रवृत्ति घोटाले में मुकदमा दर्ज किया था। एसआइटी जांच में पाया गया कि एक ही संस्थान के तमाम छात्रों के खाते एक ही बैंक में खोले गए, कई छात्रों के बैंक खातों को एक ही मोबाइल नंबर से लिंक किया गया।

एक ही शैक्षणिक सत्र में तमाम छात्रों को दो संस्थानों में शिक्षा ग्रहण करना दर्शाया गया। कई छात्रों को फर्जी शिक्षा ग्रहण करना दर्शाया गया। इस आधार पर एसआइटी द्वारा अज्ञात के खिलाफ आइपीसी की धारा-420, 120 बी, 408 व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के प्रावधानों के तहत सिडकुल थाना हरिद्वार में मामला दर्ज किया गया था। याचिकाकर्ता ने सरकार के साथ ही निरीक्षक जवाहर लाल, एसआइटी प्रमुख मंजूनाथ टीसी, हरिद्वार के एएसपी आयुष अग्रवाल को पक्षकार बनाया है।

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