श्रीकृष्ण जन्माष्टमी: श्रद्धालु अष्टमी तिथि को आज व्रत रखेंगे, मंदिरों में सादगी से होंगे कार्यक्रम

दून में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, हालांकि, इस बार श्रद्धालु न तो बालगोपाल को झूला झुला पाएंगे और न ही झांकियों का आनंद ले सकेंगे। श्रद्धालु अष्टमी तिथि को आज व्रत रखेंगे। रात को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी दो दिन है, लेकिन पंडितों की मानें तो तिथि के विशेष महत्व को देखते हुए 11 अगस्त को अष्टमी तिथि पर गृहस्थ व्रत रखेंगे। रात को भगवान श्रीकृष्ण जन्मदिवस पर कार्यक्रम होंगे। 12 अगस्त को मथुरा, वृंदावन की तर्ज पर साधु संन्यासियों का व्रत रहेगा। पंडित भरतराम तिवारी के अनुसार, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी रोहिणी नक्षत्र, वार और तिथि के अनुसार मनाई जाती है। मंगलवार को सुबह नौ बजकर आठ मिनट से अगले दिन बुधवार सुबह 11 बजकर 17 मिनट तक अष्टमी रहेगी, जबकि रोहिणी नक्षत्र 13 को है। तिथि को विशेष मानते हुए व्रत रखने और पूजा करने का संयोग 11 अगस्त को पड़ रहा है। उत्तराखंड विद्वत सभा के प्रवक्ता आचार्य विजेंद्र प्रसाद ममगाईं ने बताया कि अष्टमी तिथि मंगलवार को है। पुराण व कर्मकांड को मानने वाले इसी दिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत रखेंगे।

आज इन मंदिरों में होंगे आयोजन

कोरोना संक्रमण के चलते इस बार श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर न झांकियां निकलेंगी और न ही मटकी तोड़ कार्यक्रम होंगे। भजन कीर्तन के साथ ही शारीरिक दूरी बनाकर भक्त कान्हा के दर्शन करेंगे। मंदिरों में भीड़ न हो इसके लिए विभिन्न मंदिर समितियों ने श्रद्धालुओं से घर पर रहकर ही कृष्ण जन्माष्टमी मनाने का आह्वान किया है। सहारनपुर चौक स्थित पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर के मीडिया प्रभारी संजय गर्ग ने बताया कि मंदिर लाइटों से सजाया गया है। 11 अगस्त को रात 12 बजे शारीरिक दूरी बनाकर भक्त दर्शन कर सकेंगे। पटेलनगर स्थित श्याम सुंदर मंदिर के मीडिया प्रभारी भूपेंद्र चड्ढा ने बताया कि जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में 11 और 12 अगस्त को रात साढ़े आठ बजे से भजन संध्या होगी। आदर्श मंदिर में 11 और 12 अगस्त दोनों दिन भजन कीर्तन किए जाएंगे। प्रेमनगर स्थित सनातन धर्म मंदिर, श्री लक्ष्मीनारायण पंचमुखी पंचायती हनुमान मंदिर में भी भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव उत्साह के साथ मनाया जाएगा।

लड्डू गोपाल करी खरीदारी

कान्हा ड्रेस, लड्डू गोपाल आदि की बाजार में जमकर खरीदारी हुई। पलटन बाजार स्थित दुकान के स्वामी अजय सिंघल ने बताया कि लड्डू गोपाल 100 से एक हजार रुपये, कान्हा ड्रेस 20 से 800 रुपये, पगड़ी 30 से 100 रुपये, राधा-कृष्ण मूर्ति व झूले 250 रुपये तक उपलब्ध हैं।

कई मंदिरों में कल होंगे धार्मिक आयोजन

जन्माष्टमी पर बुधवार को भी कई मंदिरों में भजन कार्यक्रम होंगे। डीएल रोड स्थित चैतन्य गौड़ीय मठ, बल्लूपुर चौक स्थित इस्कॉन मंदिर, राजपुर रोड स्थित साईं मंदिर में 12 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

जिलाधिकारी ने की घर में पूजा करने की अपील

डीएम डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्रद्धालुओं से मंदिरों के बजाये घरों में ही पूजा करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी को देखते हुए सभी को सरकार की गाइडलाइन का पालन करना चाहिए।

राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने दी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं

राज्यपाल बेबी रानी मौर्य ने राज्यवासियों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी का पर्व भगवान श्रीकृष्ण के जीवन चरित्र और श्रीमद्भागवत गीता के माध्यम से दिए गए महान सिद्धांतों को जीवन में आत्मसात करने को प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि सभी जन इस पावन अवसर पर प्रेम, भाईचारा बनाकर समाज के विकास में योगदान का संकल्प लें। उन्होंने राज्यवासियों से यह भी अपील की है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के मद्देनजर गाइडलाइन का पालन कर जन्माष्टमी मनाएं।

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