बच्चों का आधार कार्ड बनाने के लिए, अब स्कूल का आइडी कार्ड भी होगा मान्य

बच्चों का आधार कार्ड बनाने के लिए अब केवल स्कूल का आइडी कार्ड भी मान्य होगा। यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआइडीएआइ) की ओर से इसके लिए आदेश जारी किए गए हैं, लेकिन यूआइडीएआइ ने यह बात भी साफ की है कि स्कूल मान्यता प्राप्त होना चाहिए और आइडी कार्ड पूरे तरीके से सत्यापित। इसके बाद ही इसे आधार बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा।

देहरादून आधार सेवा केंद्र के ऑपरेशन मैनेजर आदित्य शुक्ला ने बताया कि यूआइडीएआइ की ओर से बच्चों को बड़ी रियायत दी गई है। पांच साल से ऊपर के बच्चों का आधार कार्ड अब केवल स्कूल द्वारा सत्यापित आइडी कार्ड के आधार पर भी बनाया जा सकेगा। लेकिन आइडी कार्ड में आधार कार्ड बनाने के लिए जरूरी जानकारियां पूरी होनी चाहिए। जिसमें बच्चे की फोटो, अभिभावकों का नाम, पता और मोबाइल नंबर सबसे महत्वपूर्ण है। आदित्य ने बताया कि यूआइडीएआइ की ओर से पांच और 15 साल का होने के बाद बच्चों के आधार कार्ड में फिंगरप्रिंट, पता, मोबाइल नंबर और फोटो अपडेट करना अनिवार्य कर दिया गया है, लेकिन अपने परिवार से दूर रह रहे या किसी दूसरे कारण से दस्तावेज दिखाने में असमर्थ बच्चों के लिए यह रियायत दी गई है।
आदित्य ने बताया कि पांच और 15 साल की उम्र पर आधार में डाटा अपडेट करने के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा, लेकिन इसके बाद 50 रुपये शुल्क चुकाना होगा। आधार के नाम पर बाजार में लूट बाजार में साइबर कैफे आधार बनाने से लेकर गलतियां सुधारने की मोटी फीस वसूल रहे हैं। साइबर कैफे में केवल आधार बनवाने के लिए 100 रुपये से लेकर 150 रुपये तक वसूले जा रहे हैं, जबकि सरकारी आधार सेवा केंद्रों में यह काम मात्र तीस रुपये में हो जाता है। आधार सेवा केंद्र देहरादून के ऑपरेशन मैनेजर आदित्य शुक्ला ने आम लोगों को निजी साइबर कैफे में अपनी जेब ढीली करने से बचने की सलाह दी।
शुक्ला ने आम लोगों को आधार सेवा केंद्र या अन्य सरकारी संस्थानों द्वारा चलाए जा रहे केंद्रों पर जाने की अपील की। आदित्य ने बताया कि आधार आवेदन के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाता, लेकिन कलर प्रिंट के लिए 30 रुपये लिए जाते हैं। इसके अलावा किसी भी प्रकार के अपडेट के लिए 50 रुपये शुल्क चुकाना होता है। प्लास्टिक कार्ड बैन आधार सेवा केंद्रों या सरकारी संस्थानों की ओर से लगाए गए केंद्रों पर प्लास्टिक का कार्ड बनाना भी बैन है।
प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने के लिए यह नियम लागू किया गया है। आधार सेवा केंद्र से प्रिंट लेने के बाद आधार को लेमिनेट करवाया जा सकता है। आदित्य ने बताया कि आधार सेवा केंद्र सातों दिन खुला होता है। समय बचाने के लिए सेंटर पर आने से पहले ऑनलाइन अपॉइंटमेंट भी लिया जा सकता है।

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